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ओपल (Opal) रत्न ज्योतिष शास्त्र में शुक्र (Venus) ग्रह का प्रतिनिधि रत्न माना जाता है। इसे "दूधिया पत्थर" भी कहा जाता है और यह अपने इंद्रधनुषी रंगों (Play of Color) के कारण बेहद आकर्षक होता है। शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य, ऐश्वर्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक है, इसलिए ओपल मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में लाभ के लिए पहना जाता है। Pramogh Pramogh +4 ओपल रत्न से जुड़ी विस्तृत जानकारी यहाँ दी गई है: किसे धारण करना चाहिए? ओपल का प्रभाव शुक्र की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए इसे कुंडली दिखाने के बाद ही पहनें: शुभ राशियाँ: वृषभ (Taurus) और तुला (Libra) राशि के जातकों के लिए यह सबसे भाग्यशाली रत्न है। अन्य अनुकूल राशियाँ: मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ लग्न के लोग भी इसे ज्योतिषी की सलाह पर धारण कर सकते हैं। विशेष स्थिति: यदि कुंडली में शुक्र कमजोर है या उसकी महादशा/अंतर्दशा चल रही है, तो ओपल पहनना बहुत लाभकारी होता है। इनके लिए वर्जित: मेष, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन लग्न वालों को बिना परामर्श के इसे पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि शुक्र के शत्रु ग्रहों (सूर्य, चंद्रमा, गुरु) से इसका टकराव हो सकता है।