महाकाल मंदिर के सिद्ध पंडितों द्वारा अभिमंत्रित। पूर्ण विधि-विधान के साथ सिद्ध की गई 100% शुद्ध सामग्री।
बारह मुखी रुद्राक्ष (12 Mukhi Rudraksha) साक्षात भगवान सूर्य (Aditya) का स्वरूप माना जाता है। इसमें सूर्य की बारह कलाओं का तेज समाहित होता है। जो लोग समाज में नाम, प्रसिद्धि, अधिकार और नेतृत्व (Leadership) की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह सबसे शक्तिशाली रुद्राक्ष है। ## बारह मुखी रुद्राक्ष के मुख्य लाभ * प्रसिद्धि और सम्मान: इसे धारण करने से व्यक्ति का तेज बढ़ता है और उसे समाज, राजनीति या सरकारी क्षेत्र में उच्च पद और मान-सम्मान प्राप्त होता है। * सूर्य दोष से मुक्ति: यदि कुंडली में सूर्य कमजोर है या नीच का है, तो यह उसके नकारात्मक प्रभावों को दूर कर आत्मविश्वास और साहस बढ़ाता है। * नेतृत्व क्षमता: यह प्रशासनिक अधिकारियों, राजनेताओं और व्यापारियों के लिए अत्यंत लाभकारी है क्योंकि यह प्रभाव डालने की शक्ति प्रदान करता है। * स्वास्थ्य लाभ: यह आंखों की रोशनी, हृदय रोग, हड्डियों की कमजोरी और चिंता (Anxiety) जैसी समस्याओं में राहत दिलाने में सहायक है। * पापों का नाश: शास्त्रों के अनुसार, इसे पहनने से गौ-वध जैसे बड़े पापों के प्रभाव से भी मुक्ति मिलती है। ## धारण करने की विधि और नियम * शुभ दिन: इसे धारण करने के लिए रविवार (Sunday) का दिन सबसे उत्तम है। * मंत्र: धारण करते समय "ॐ ह्रीं क्षौं घृणि सूर्याय नमः" या "ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः" का 108 बार जाप करें। * शुद्धिकरण: इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करके लाल धागे या सोने में पहनना चाहिए। * किसे पहनना चाहिए: सिंह राशि (Leo) के जातकों के लिए यह जीवन रक्षक माना जाता है, हालांकि प्रशासन और राजनीति से जुड़े लोग इसे विशेष रूप से पहनते हैं। ## पहचान और प्रकार * इसमें बारह स्पष्ट प्राकृतिक रेखाएं (धारियां) होती हैं। * नेपाली बारह मुखी रुद्राक्ष सबसे दुर्लभ और प्रभावी माना जाता है। क्या आप इसे सरकारी नौकरी या राजनीति में सफलता के लिए पहनना चाहते हैं या सूर्य ग्रह की शांति के लिए?