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सात मुखी रुद्राक्ष (7 Mukhi Rudraksha) को धन की देवी माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इसके अधिपति देव सप्तऋषि हैं और इसका स्वामी ग्रह शनि (Saturn) है। यह रुद्राक्ष दरिद्रता को दूर कर समृद्धि और सौभाग्य लाने के लिए प्रसिद्ध है। सात मुखी रुद्राक्ष के प्रमुख लाभ धन और समृद्धि: इसे धारण करने से व्यापार में उन्नति होती है और नए आर्थिक अवसर प्राप्त होते हैं। यह माता लक्ष्मी की कृपा दिलाने वाला माना जाता है। शनि दोष से मुक्ति: यह शनि की साढ़े साती, ढैय्या और शनि महादशा के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने में अत्यंत प्रभावशाली है। स्वास्थ्य लाभ: यह जोड़ों के दर्द (Arthritis), मांसपेशियों की समस्याओं और नसों से संबंधित रोगों में राहत दिलाने में सहायक है। मानसिक शांति: यह अनचाहे डर, चिंता और अवसाद को दूर कर मन को स्थिर बनाता है। सफलता: जो लोग नौकरी या व्यवसाय में लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, उनके लिए यह भाग्य के द्वार खोलता है। धारण करने की विधि और नियम शुभ दिन: इसे धारण करने के लिए शनिवार (Saturday) का दिन सबसे उत्तम है। मंत्र: धारण करते समय "ॐ हुं नमः" (Om Hum Namah) या "ॐ महालक्ष्मी नमः" का 108 बार जाप करें। किसे पहनना चाहिए: मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह विशेष रूप से फलदायी है, लेकिन आर्थिक तंगी दूर करने के लिए इसे कोई भी पहन सकता है। शुद्धिकरण: इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करके लाल धागे या चांदी में पहनना चाहिए। पहचान और प्रकार इसमें सात स्पष्ट प्राकृतिक रेखाएं (धारियां) होती हैं। नेपाली सात मुखी रुद्राक्ष आकार में बड़े और अधिक प्रभावशाली होते हैं। क्या आप इसे शनि दोष की शांति के लिए पहनना चाहते हैं या आर्थिक लाभ के लिए?