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छह मुखी रुद्राक्ष (6 Mukhi Rudraksha) भगवान शिव के द्वितीय पुत्र, भगवान कार्तिकेय का स्वरूप माना जाता है। इसके स्वामी ग्रह शुक्र (Venus) हैं, जो विलासिता, प्रेम और कला के कारक हैं। छह मुखी रुद्राक्ष के प्रमुख लाभ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास: यह धारण करने वाले की इच्छाशक्ति (Willpower) को बढ़ाता है और मानसिक सुस्ती या आलस्य को दूर करता है। शुक्र ग्रह की शांति: कुंडली में शुक्र दोष को दूर कर वैवाहिक जीवन में सुख और भौतिक सुख-सुविधाएं (Luxury) प्रदान करता है। बुद्धि और ज्ञान: भगवान कार्तिकेय की कृपा से यह बुद्धि और ज्ञान बढ़ाता है। कलाकारों, वक्ताओं और प्रबंधकों (Managers) के लिए यह अत्यंत लाभकारी है। स्वास्थ्य लाभ: यह यौन रोगों, गले के संक्रमण और किडनी से संबंधित समस्याओं में राहत दिलाने में सहायक माना जाता है। एकाग्रता: यह विद्यार्थियों को पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने और याददाश्त सुधारने में मदद करता है। धारण करने की विधि और नियम शुभ दिन: इसे धारण करने के लिए शुक्रवार (Friday) का दिन सबसे उत्तम है। मंत्र: धारण करते समय "ॐ ह्रीं हुं नमः" (Om Hreem Hum Namah) मंत्र का 108 बार जाप करें। किसे पहनना चाहिए: वृषभ और तुला राशि के जातकों के लिए यह विशेष रूप से फलदायी है। शुद्धिकरण: इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करके लाल या रेशमी धागे में पहनना चाहिए।